Monday, March 2, 2026

Manoj Bajpayee की Shamsul Islam से एक शिकायत

 

मैं ने मनोज साहेब का यह साक्षात्कार कल (26-02-2026) ही देखा/सुना जिस में उन्होंने हँसते हुए फ़रमाया "मुझे पता लगा है इस्लाम साहब बहुत गाली देते हैं की यह पूंजीवादी दुनिया को बिक गया" मैं ने कभी ऐसा नहीं कहा। मुझ जैसे छोटे आदमी को उन जैसा बड़ा आदमी क्यों तवज्जोह दे रहा है , मैं समझ नहीं पा रहा हूँ। मनोज साहेब 1984 के आसपास निशांत नाट्य मंच से जुड़े थे और जैसे हमारी पद्धति थी हम सिर्फ़ अदाकार नहीं ऐसे सांस्कृतिक कर्मी के रूप में साथियों को गढ़ना चाहते थे जो भगत सिंह-चंद्रशेखर आज़ाद-अशफ़ाख़उल्लाह ख़ान के सपनों का भारत बनाने में योगदान करें। इस लिए प्रगतिशील विश्व साहित्य को पढ़ते थे, उन पर गहन चर्चा करते थे। इस तरह निशांत में नाट्य कला सीखते थे। मनोज साहेब ने उस ज़िंदगी को जिया, सेंकड़ों नाटकों और गानों की मज़दूरों के बीच, शिक्षा संस्थाओं में, गाँव में और विभिन्न आंदोलनों में निशांत के लिए प्रस्तुतियाँ कीं। 1984 के सिख जनसंहार में निशांत ने हिंसा के ख़िलाफ़ नाटकों की एक मुहिम चलाई जिस में मनोज साहेब ने ज़बरदस्त योगदान किया। वे छोटे भाई बन गए। जब उन्होंने पेशावराना रंग कर्म करने का तय किया तो हम सब ने उनको सफलता के लिए विदा किया। उन्होंने कोई संपर्क नहीं रखा हमें कोई शिकायत नहीं हुई। उनको बहुत आगे जाना था, हमें नहीं। निशांत ने उनसे रिश्ते को कभी नहीं भुनाया। 2 बार उनसे जरूर फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, एक बार जब में सत्यवती कॉलेज का कुछ दिन के लिए प्रिंसिपल बना तो चाहता था की वे हमारे वार्षिक उत्सव में चीफ़ गेस्ट रहें क्योंकि वे हमारे alumani थे (उनका पहला दाख़िला सत्यवती कॉलेज में ही हुआ था) पर वे व्यस्त थे इस लिए श्याम बेनिगल साहेब ने आकर कॉलेज की हौसला अफ़ज़ाई की। दूसरी बार निशांत के एक साथी, भरत आचार्य जिन का निशांत में मनोज साहेब के साथ बहुत प्यार था की अचानक मौत होने पर उनको सूचना दी लेकिन शायद इस बार भी वे मसरूफ़ थे।

वे शो-बिज़नेस में हैं तो पूंजी के तंत्र का भाग बनेंगे इस से किस को शिकायत हो सकती है। हाँ जब ख़बर मिलती थी की उन्होंने अटल बिहारी वजपायी जी को अपना आदर्श घोषित किया है, वे अब एक अध्यात्मिक गुरु के मशवरे पर चलते हैं, धार्मिक कर्मकांडों में समय बिताते हैं तो उन्हें नहीं बल्कि ख़ुद को ज़िम्मेदार माना की हम लोगों का साथ इन जैसे मुद्दों पर वैज्ञानिक सोच बनाने में असफल रहा।   

https://youtu.be/lySe3KTMZuM?si=UW6yphPGcWQugo8I   

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